राज्य में जमीनों के सर्किल रेट में बदलाव को मिली मंजूरी

देहरादून (गढ़वाल का विकास न्यूज)। राज्य में जमीनों के सर्किल रेट में बदलाव को मंजूरी मिल गई है। इसके तहत सर्किल रेट में शून्य से 15 फीसद तक की वृद्धि की गई हैं। कैबिनेट ने सर्किल रेट के अलावा तीन अन्य मसलों पर भी सहमति की मुहर लगाई है।
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की अध्यक्षता में हुई प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में राज्य में ओवरआल सर्किल रेट की दरों में 15 फीसद तक की बढ़ोतरी करने पर मुहर लगा दी गई। नैनीताल, पौड़ी और उत्तरकाशी जिलों में अन्य जिलों की तुलना में ज्यादा क्षेत्रों को सर्किल रेट के दायरे में लेने के साथ ही रेट भी बढ़ाए गए हैं। जिलों में सर्किल रेट के दायरे में लिए गए कुछेक स्थानों पर दर 800 फीसद तक होगी। पौड़ी जिले में कृषि व अकृषि क्षेत्र के ऐसे दो स्थान हैं। इसके माध्यम से सर्किल रेट की विसंगतियों को दूर करने की दिशा में भी कदम बढ़ाए गए हैं। कैबिनेट ने सर्किल रेट के अलावा तीन अन्य मसलों पर भी सहमति की मुहर लगाई है। शासकीय प्रवक्ता मदन कौशिक ने बताया कि कैबिनेट में भूमि की सर्किल दरों की विसंगतियों को दूर करने को पहली बार जीआईएस मैपिंग का इस्तेमाल किया गया। अगले चार-पांच साल में ऐसे क्षेत्रों में सर्किल रेट बराबर हो जाएं, इस दिशा में कदम बढ़ाए गए हैं।
गैर कृषि भूमि की औसतन सर्किल दरें
20 प्रतिशत क्षेत्रफल ऐसा है जहां सर्किल दरें 0 से 5 प्रतिशत बढ़ाई गईं
24.4 प्रतिशत क्षेत्रफल ऐसा हैं जहां सर्किल दरें 6-10 प्रतिशत तक बढ़ीं
12.86 प्रतिशत क्षेत्रफल में सर्किल दरों को 11 से 15 प्रतिशत बढ़ाया गया
कृषि भूमि की औसतन सर्किल दरें
23.8 प्रतिशत क्षेत्रफल जहां एक से पांच प्रतिशत तक बढ़ोतरी हुई
37.8 प्रतिशत क्षेत्रफल जहां सर्किल दरें 6-10 प्रतिशत तक बढ़ीं
8.25 प्रतिशत क्षेत्रफल जहां सर्किल दरें 11 से 15 प्रतिशत बढ़ी हैं
ये फैसले भी हुए
रिवर ट्रेनिंग में पोक लैंड और जेसीबी का इस्तेमाल होगा
नदियों, जलाशयों और नहरों में रिवर ट्रेनिंग में पोक लैंड और जेसीबी का भी इस्तेमाल हो सकेगा। प्रदेश मंत्रिमंडल ने भूतत्व एवं खनिकर्म इकाई के रिवर ट्रेनिंग नीति में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी दी। प्रस्ताव के तहत अब रिवर ट्रेनिंग के लिए दो महीने के स्थान पर चार महीने की अनुमति मिलेगी।
खनन पट्टे को बाधित अवधि पर मिलेगा विस्तार
ऐसे खनन क्षेत्र जहां पट्टाधार की कोई गलती नहीं है और वह कोर्ट से संबंधित वाद या अन्य कारणों से पांच साल की तय अवधि में पट्टे पर कार्य आरंभ नहीं कर पाया है, तो उस बाधित अवधि को बढ़ाया जा सकेगा। कैबिनेट ने उपखनिज नीति में संशोधन को मंजूरी दी है।
मुख्यमंत्री के जापान दौरे पर कैबिनेट की मुहर
मुख्यमंत्री तीन से पांच फरवरी को जापान यात्रा पर जाएंगे। इस दौरान प्रदेश सरकार और जापान के मध्य आर्थिक, कृषि, पर्यटन और संस्कृति के क्षेत्र को लेकर एमओयू होगा।

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