देहरादून। शिक्षा विभाग ने शिक्षकों के आंदोलन को लेकर कड़ा रुख अख्तियार किया है। मंगलवार से जिलों के मुख्य शिक्षा अधिकारी कार्यालयों में तालाबंदी के नोटिस के बाद विभाग ने काम में बाधा डालने वाले शिक्षकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिये हैं। साथ ही छुट्टी लेकर आंदोलन करने वाले शिक्षकों पर भी कार्यवाही के आदेश जारी हुए हैं। इस संबंध में शिक्षा निदेशक ने सोमवार को सभी मुख्य शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किये हैं।
निदेशक आरके कुंवर द्वारा जारी आदेश में कहा गया है, कि जनपदीय या विकास खंड कार्यालय में सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस व प्रशासन की मदद ली जाए। कार्यालयों में तालाबंदी में सम्मिलित होने वाले व्यक्तियों (शिक्षकों) की वीडियोग्राफी करायी जाए और राजकीय कार्य में बाधा डालने वालों के खिलाफ आवश्यकता पड़ने पर मुकदमा दर्ज कराया जाए। इसके साथ ही आदेश में कहा गया है कि जो कार्मिक बिना अवकाश अनुपस्थित चल रहे हैं, उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जाए। यदि प्रधानाचायरे ने ऐसे मामलों का संज्ञान नहीं लिया है तो उनके खिलाफ भी कार्यवाही की जाए। इसके साथ ही आदेश में यह भी कहा गया है कि जो कार्मिक निजी अवकाश, विशेष अवकाश व चिकित्सा अवकाश लेकर धरना प्रदर्शन में सम्मिलित हैं, उनके खिलाफ जांच करके नियमानुसार कार्यवाही की जाए। शिक्षक संघ की चेतावनी को देखते हुए सभी जिला शिक्षाधिकारी माध्यमिक, खंड शिक्षाधिकारी व उपखंड शिक्षाधिकारी को अपने क्षेत्रों का भ्रमण करके इस आदेश का अनुपालन कराने के लिए भ्रमण करने के निर्देश भी दिये गये हैं।
विदित हो कि शिक्षकों के आंदोलन के चलते शिक्षा विभाग पहले ही राजकीय शिक्षक संघ के प्रांतीय अध्यक्ष केके डिमरी व महामंत्री डा. सोहन सिंह माजिला व पूर्व प्रांतीय अध्यक्ष राम सिंह चौहान का स्थानान्तरण कर चुका है। इसके बाद रुष्ट शिक्षक संघ ने 31 जुलाई से आमरण अनशन और मुख्य शिक्षा अधिकारी कार्यालयों में तालाबंदी का ऐलान किया है। संघ के इस ऐलान के बाद विभाग ने कड़ा कदम उठाते हुए काम में बाधा डालने वाले शिक्षकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिये हैं।