देहरादून। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा उत्तराखण्ड को ‘‘सैनिक धाम’’ की संज्ञा दिए जाने पर कांग्रेस नेताओं द्वारा की जा रही आपत्ति की भाजपा ने कड़े शब्दों में निन्दा की है। भाजपा का कहना है कि सैनिकों के शौर्य पर सबूत और सैनिकों की शहादत पर ताबूत की राजनीति करने वाले कांग्रेसी नेताओं का मानसिक संतुलन बिगड़ गया है।
भाजपा प्रदेश मीडिया प्रमुख डाॅ. देवेन्द्र भसीन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की रूद्रपुर में विषाल रैली से कांग्रेसी नेताओं में भारी बेचैनी है और इस रैली की ऐतिहासिक सफलता से स्पश्ट हो गया कि लोकसभा चुनाव में मोदी जी व भाजपा की लहर नहीं अपितु सुनामी चल पड़ी है। इससे बौखलाये कांगे्रसी नेता रैली को लेकर अनर्गल बयानबाजी कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि रैली में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने उत्तराखण्ड की महान सैन्य परम्परा व शौर्य की प्रशंसा करते हुये इसे ‘‘सैनिक धाम’’ कहा है उससे प्रत्येक उत्तराखण्ड वासी स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रहा है। किन्तु कांग्रेस नेताओं द्वारा इसकी आलोचना करने से साफ है कि उनमें उत्तराखण्ड सहित देश की महान सैन्य परंपराओं के प्रति कोई सम्मान नहीं है। यही कारण है कि वे समय-समय पर सेना के मनोबल को तोड़ने व सैन्य अधिकारियों के बारे में अपशब्द तक कहने से नहीं चूकते।
डाॅ. भसीन ने कहा कि कांग्रेस नेताओं के इस चरित्र का इससे बड़ा प्रमाण क्या होगा कि भारतीय सेना द्वारा की गई सर्जिकल स्ट्राईक की पूरे देश में प्रशंसा हो रही है और यहां तक कि पाकिस्तान और आतंकियों ने भी स्ट्राईक की बात मानी है। पाकिस्तान अपने यहां स्ट्राईक में मारे गये आतंकियों व सैनिकों की लाषें गिन रहा है और कांग्रेस तथा अन्य विपक्षी नेता सबूत मांग रहे हैं। कांग्रेस ने ऐसा चरित्र उस समय भी दिखाया था जब श्री अटल बिहारी बाजपेयी के प्रधानमंत्री काल में शहीद सैनिकों के पार्थिव शरीरों को ताबूतों में सुरक्षित रखकर उनके घरों तक पहुंचाया जा रहा था और कांग्रेसी नेता इस पर भी घोटाले के अनर्गल आरोप लगा रहे थे। इससे साफ है कि कांग्रेस के लिये सैनिकों का सम्मान काई महत्व नहीं रखता और वे उनका अपमान करने से भी नहीं चूकते।