देहरादून। मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह की अध्यक्षता में सिंगल विंडो सिस्टम एवं इज आफ डूइंग बिजनेस की बैठक सचिवालय सभागार में सम्पन्न हुई।
मुख्य सचिव द्वारा उद्यमियों से विभिन्न विभागों द्वारा लिये गये सुझावों पर फीड बैक मांगा गया। उद्यमियों/संगठनों द्वारा अवगत कराया गया कि कतिपय विभागों द्वारा आवेदनों पर बार बार आपत्तिया लगायी जाती है जिससे समय सीमा के अन्तर्गत आपत्तियां निस्तारण में देरी होती है। यूपीसीएल द्वारा आफलाइन आवेदन प्राप्त करना तत्काल प्रभाव से बन्द करने पर सहमति व्यक्त की गयी। मुख्य सचिव श्री सिंह द्वारा अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि निवेशकों के साथ सहयोगी भूमिका में कार्य करें तथा प्रत्येक विभागाध्यक्ष निरंतर अनुश्रवण करे। उन्होंने समस्त विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी विभागाध्यक्ष यूजर्स फेै्रडली प्रवृति से कार्य करें तथा अपने विभाग द्वारा दी जा रही सेवाओं की चैकलिस्ट बेबसाइट पर प्रदर्शित करें। तथा अपने पोर्टल को यूजर फ्रैंडली बनाये।
मुख्य सचिव ने समस्त विभागाध्यक्षों कोे उदयमियों एवं संगठनों से विचार विमर्श कर पोर्टल मंें सुधार करने के भी निर्देश दिये, ताकि निवेशंकों को राज्य सरकार द्वारा दी जाने वाली सेवाओं का लाभ समयबद्धता से प्राप्त हों।
मुख्य सचिव श्री सिंह द्वारा उद्यमियों के अवेदनों पर अनावश्यक आपत्तिया नही लगाने तथा अतिरिक्त सूचनायें बार-बार न मांगे जाने के निर्देश दिये गये तथा यह भी निर्देश दिये गये कि यदि किसी प्रकरण में आपत्ति है, तो उसका स्पष्ट उल्लेख किया जाये ताकि निवेशक उसका एक बार में ही निराकरण कर सके। उन्होने सभी विभागीय बेबसाइटों पर अद्यतन सूचना प्रदर्शित करने के निर्देश दिये। उद्यम एकल खिडकी सुगमता एवं अनुज्ञापन अध्निियम-2012 के अन्तर्गत गठित राज्य प्राधिकृत समिति द्वारा एकल खिडकी व्यवस्था के अन्तर्गत लगभग 125 करोड के प्रस्तावों की भी स्वीकृति दी गयी। सचिव पर्यटन श्री दिलीप जावलकर, सचिव ऊर्जा श्रीमती राधिका झा, सचिव वन अरविंद सिंह ह्यांकी, आईजी पुलिस जीएस मर्तोलिया, अपर सचिव राजस्व श्री मेहरबान सिंह बिष्ट द्वारा एकल खिडकी वयवस्था के अन्तर्गत विभागीय प्रगति पर विस्तार से जानकारी दी गयी। बैठक का संचालन प्रमुख सचिव एमएसएमई श्रीमती मनीषा पंवार ने किया।