देहरादून (गढ़वाल का विकास न्यूज)। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय में योग दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. पीपी ध्यानी ने कहा कि योग हमारी प्राचीन विधा है जिसको दुनियां ने स्वीकार किया है।
महर्षि पतंजलि ने योग के रहस्यों से दुनिया को अवगत कराया तो स्वामी विवेकानंद ने दुनियां को बताया कि मन, मस्तिष्क और शरीर को आपस में जोड़ना ही योग है। स्वामी रामदेव ने योग का प्रचार किया तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसे अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता दिलवाने में सफल रहे। भविष्य में योग रोजगार उपलब्ध कराने के लिए एक बहुत बड़ी इंडस्ट्री के रूप में उभरने वाला है। इसलिए हम सबको इसकी अहमियत समझनी चाहिए। सबसे अहम बात यह है कि अगर विदेशों में योग ट्रेनरों की जरूरत होती है तो सबसे पहले वे भारतीयों को प्राथमिकता देते हैं। यह हमारे लिए गर्व की बात है। इस अवसर पर विश्वविद्यालय की योग विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. सरस्वती काला ने कहा कि योग किसी भी अवस्था एवं स्थिति में हो सकता है। हम बैठे-बैठे भी योग कर सकते हैं। योग में मधुमेह से लेकर पाचन तंत्र तक ठीक करने की क्षमता है। सर्वाइकल में मददगार होने के साथ ही यह शरीर के टॉक्सिन को भी बाहर निकालता है। योग आज हमारी जरूरत बन गया है। मौके पर विश्वविद्यालय की सभी संकायों के लगभग 250 फैकल्टी सदस्यों एवं छात्र-छात्राओं ने योग किया। इस अवसर पर योग गुरु डॉ. अनिल थपलियाल, विश्वविद्याल के ओएसडी, डीन के अलावा विभन्न विभागों के फैकल्टी सदस्य शामिल थे।