देहरादून। राज्य सरकार ने राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान का शिक्षा परिषद में विलय कर दिया है जबकि सर्व शिक्षा अभियान का संचालन उसके लिए गठित सोसायटी के तहत किया जाएगा। इस संबंध में सचिव शिक्षा डा. भूपिंदर कौर औलख ने सोमवार को आदेश जारी कर दिये। सर्व शिक्षा अभियान को वर्ष 2000-01 में माध्यमिक स्तर पर शुरू किया गया था जबकि राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान को वर्ष 2009-10 में शुरू किया गया था। इन दोनों कार्यक्रमों को राज्यों में फ्लैगशिप प्रोग्राम के तहत चलाया जा रहा था। इन कार्यक्रमों में आने वाले व्यय को केंद्र व राज्य सरकार 90:10 वहन करते थे। इन कार्यक्रमों में कुछ व्यावहारिक दिक्कतों व व्ययभार कम करने के लिए केंद्र ने नवंबर 2017 में कुछ निर्देश दिये थे। इन्हें राज्य या जनपद स्तर पर एकीकरण करने की अपेक्षा की गयी थी। केंद्र सरकार के निर्देशों के अनुपालन में इनके विलय की तैयारी लंबे समय से चल रही थी। इसके बाद सरकार ने उत्तराखंड सभी के लिए शिक्षा परिषद को यथावत रखते हुए राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान का इसमें विलय कर दिया है, जबकि सर्व शिक्षा अभियान के संचालन के लिए गठित सोसायटी की नियमावली के विंदु 4 के अनुसार माध्यमिक स्तर पर संचालित होने वाले केंद्र सहायतित योजनाओं का क्रियान्वयन किया जाएगा। इसके बिंदु 5 के अनुसार ही माध्यमिक स्तर पर संचालित क्रियाकलापों को समाहित किया जाएगा। रमसा का विलय होने के बाद अब वहां शिक्षकों को वेतन आदि में आ रही तकनीकि दिक्कतें दूर होने की उम्मीद है।