देहरादून। लोकसभा चुनाव के तहत उत्तराखंड में गुरूवार को हो रहे मतदान को लेकर उत्साह युवा ही नहीं, वरन बुजुर्गो में भी देखने को मिला। इस दौरान जहां 100 साल बुजुर्गों ने मताधिकार का प्रयोग किया, वहीं कोई अपने बच्चों को कंघे पर बूथ पर लेकर पहुंचा।
प्रदेश में लोकतंत्र के महापर्व को लेकर युवा तो युवा, सौ साल पार बुजुर्ग वोटरों में भी खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। ऐसा ही कुछ जनपद उत्तरकाशी में देखने को मिला, जहां रनाडी गांव में वोट डालने 103 और 105 वर्ष की बुजुर्ग महिलाएं पहुंची। इसी तरह टिहरी की धनोल्टी विधानसभा क्षेत्र के जौनपुर विकास खण्ड के अंतर्गत राजकीय इंटर कॉलेज बंगसील बूथ 51 में भी 100 वर्षीय वृद्ध महिला के अपने मताधिकार का प्रयोग किये जाने की खबर है। रुद्रपुर के सुभाष कॉलोनी निवासी 120 वर्षीय सवित्रि मंडल को मताधिकार का प्रयोग करवाने के लिए उनके परिजन बूथ तक लेकर आए।
इसके अलावा जनपद ऊधम सिंह नगर में स्पेशल ट्रबल पुलिस में नियुक्त आरक्षी गजेंद्र बिष्ट द्वारा निर्वाचन क्षेत्र बाजपुर (बेरिया) में असहाय वृद्ध महिला को वोट डालने के लिए गोद में उठाकर बूथ पर ले जाया गया। इनकी उम्र भी 100 वर्ष से अधिक की बतायी जा रही है। इसी कड़ी में पिथौरागढ़ के गंगोलीहाट में 105 वर्षीय खीमुली देवी पत्नी रामसिंह अपने पुत्र के साथ मताधिकार का प्रयोग करने के लिए मतदान केन्द्र पहुंची। इतना हीं नहीं, बीमार होने के बावजूद सितारगंज में 80 वर्षीय रामकली पोती की गोदी में अपने मताधिकार का प्रयोग करने पहुंची। मतदान केन्द्रों पर मौजूद मतदाताओं ने कहा कि जिस तरह से इन बुजुर्ग महिलाओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया, वह उनके लिए प्रेरणास्त्रोत है, जो अपने मताधिकार का प्रयोग नहीं करते है।