18 वषों में इतने बेरोजगारों को मिला रोजगार

देहरादून। आप भले विश्वास न करे, लेकिन यह बात सच है। सरकारी दावों के विपरीत 18 सालों में महज 24 हजार बेरोजगारों को ही रोजगार मिल पाया है। उधर चीनी मिल पर 19679 लाख बकाया होने की बात भी सरकार की ओर से कही गयी है।
सरकारी दावों के बीच एक तरफ जहां लाखों बेरोजगार युवा प्रदेश में नौकरी की राह देख रहे हैं वहीं रोजगार को लेकर एक और तस्वीर सामने आई है। विधायक खजानदास और सुरेंद्र सिंह जीना के सवालों पर सेवायोजन मंत्री डा. हरक सिंह रावत की ओर से सदन को बताया गया कि प्रदेश में सेवायोजन कार्यालयों की संख्या 23 है इनमें 8,29,139 बेरोजगारों ने नौकरी की प्रत्याशा में पंजीकरण करा रखा है। सबसे अधिक संख्या देहरादून में है। यहां एक लाख 43 हजार 726 बेरोजगारों का पंजीकरण है। जबकि सबसे कम संख्या चंपावत की 23027 व रुद्रप्रयाग की 23154 है। राज्य गठन के बाद से अब तक सेवायोजन दफ्तरों के माध्यम से कुल 24,056 बेरोजगारों को रोजगार दिया गया है। सरकार ने यह भी स्वीकार किया कि एक अप्रैल-2014 से बेरोजगारों को रोजगार सह कौशल विकास भत्ता भी नहीं दिया जा रहा है।
निजी चीनी मिलों पर 19679 लाख बकाया
विधायक देशराज कर्णवाल के सवाल पर गन्ना मंत्री प्रकाश पंत ने सदन को बताया कि गन्ना उत्पादक किसानों का राज्य की निजी क्षेत्र की तीन चीनी मिलों लिब्बरहेड़ी, इकबालपुर और लक्सर पर 19,679 लाख गन्ना मूल्य बकाया है। राज्य की सहकारी और सार्वजनिक क्षेत्र की चीनी मिलें किसानों को पूरी कीमत अदा कर चुकी हैं। सरकार निजी क्षेत्र की मिलों से पैसा दिलाने की कोशिश कर रही है। इन मिलों के खिलाफ आरसी जारी करवाई जा रही है।
जांच रिपोर्ट का कराया जा रहा परीक्षण
विधायक खजानदास के सवाल पर काबीना मंत्री मदन कौशिक ने बताया कि रुड़की और देहरादून में एडीबी वित्त पोषित पेयजल और सीवरेज योजनाओं की जांच उच्च स्तरीय कमेटी से कराई गई है। इसकी रिपोर्ट शासन को मिल गई है और इसका परीक्षण कराया जा रहा है।
किसी ने नहीं वसूला गया जुर्माना
विधायक ऋतु खंडूड़ी के सवाल पर सरकार की ओर से बताया गया है कि गंगा और उसकी सहायक नदियों में कूड़ा और सीवरेज डालने पर रोजाना पांच हजार रुपये जुर्माने का नियम है। अभी तक किसी भी धर्मशाला, होटल या आश्रम से इस नियम के तहत जुर्माना नहीं वसूला गया है। इस मामले में पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को कार्रवाई करने को कहा गया है।

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