garhwalkavikas.com, हरिद्वार। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। महंत स्वामी नरेंद्र गिरि का आज संदिग्ध हालत में फांसी से लटकता शव मिला। इधर हरिद्वार से संतों की बड़ी जमात उनके अंतिम दर्शनों के लिए प्रयागराज के लिए रवाना हो रही है।
उधर पुलिस प्रथमदृष्टया इसे फांसी बता रही है, लेकिन बताया जाता है कि कुछ दिन पूर्व ही नरेंद्र गिरि ने अपने चर्चित शिष्य आनंद गिरि पर गम्भीर आरोप लगाते हुए अखाड़ा परिषद तथा मठ बाघंबरी गद्दी के पदाधिकारी के पद से निष्कासित कर दिया गया था।
उसी दौरान स्वामी नरेंद्र गिरि ने आशंका जाहिर की थी कि उनकी जान को खतरा है। उनकी हत्या की जा सकती है। हालांकि बाद में आनंद गिरी ने माफी मांग ली थी। अपनी हत्या की आशंका जाहिर करने के कुछ ही माह बाद स्वामी नरेंद्र गिरि का शव आज सोमवार को संदिग्ध हालत में फांसी से लटकते हुए मिला है।
अनुयायियों का मानना है कि हाल की स्थिति को देखते हुए नरेंद्र गिरि की मौत सामान्य नहीं लगती। इस तरह संदिग्ध हालत में एक महंत का शव लटकते मिलना कई तरह की आशंकाएं पैदा करता है। इस मामले में उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। खबर मिलते ही पुलिस अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। पता चला है कि शिष्यों ने दरवाजा तोड़कर शव को फंदे से उतारा। मौके पर सुसाइड नोट मिला है जिसमें शिष्य आनंद गिरि से प्रताड़ित होने की बात का जिक्र है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम के बाद मौत की वजह साफ होगी। सुसाइट नोट की हैंड राइटिंग की भी जांच होगी। उधर, हरिद्वार में महंत के विवादित शिष्य आनंद गिरि को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।